Tamanna – Mahakta Anchal Story – महकता आँचल कहानियां

Tamanna – Mahakta Anchal –  महकता आँचल कहानियां

चाय गर्म और समोसे गर्म की आवाज़ों से उसकी आँख खुल गयी । उसने खिड़की से बाहर देखा ।

कोई स्ट्रेशन आ गया था और मुसाफिरों की भीड़ एक बार फिर शोर के साथ ट्रेन पर सवार हो रही थी ।

सामने की सीट पर बैठा नौजवान अपना सामान समेट कर उतरने को तय्यार खड़ा था। “क्या सीट खाली है?” जल तरंग सी आवाज उसके कानों से टकराई ।

एक नकाबपोश नाज़नीन (लड़की ) उस नौजवान से पूछ रही थी । आंखों को छोड़कर सारा चेहरा नकाब में छुपा हुआ था ।

“जीहां” वह नौजवान अपना बैग लेकर तेजी से आगे बढ़ गया। चूड़ियों की खनखनाहट के बीच वह सीट पर बैठ गई ।

धीमी खुशबू का झोंका उसकी रूह को खुश कर गया । उसने एक सरसरी निगाह उस नाजुक नकाबपोश पर डाली तो हटाना ही भूल गया।

“कैसी जादू भरी आंखें थीं। आंखों से मिले-जुले चन्द शेअर उसके होन्टों तक आकर लौट गए। ऐसी हसीन आंखों का जिक्र तो अब तक शाइरी में ही सुना था।

यह आंखें थी या किसी शाइर की गजल या फिर किसी मुसव्विर (चित्रकार) का शाहकार। सामने वाले की नजरों का सामना होते ही उसने घबराकर नज़रें हटा लीं, मगर दिल को कौन समझाए ।

बज़ाहिर वह अपने चारों तरफ देखने लगा । मगर दिल वहीं इटक कर रह गया शायद इन जादई आंखों में खो गया था।

बहुत समझाया, लेकिन न माना तो एक बार फिर आंखों की गहराई में गोते लगाने लगा ।

घनी घनी काली पलकों के साए में आंखों में काजल की हलकी सी लकीरें सीधे दिल पर वार कर रही थीं एक बार फिर उस नकाबपोश ने काली लम्बी पलकों को उठाकर उस आशिक की तरफ देखा, लेकिन वह इसी तरह सांस रोके मखमूर आंखों में खोया रहा ।

“आपको कुछ कहना है ।” शहद से भरी आवाज, मगर लहजे में नागवारी लिए वह उससे बोली । “सफर लम्बा हो तो अकेले काटना मुश्किल होता है, क्यों न हम बात करते हुए इस सफर को आसान बना दें ।” दिल की बात जबान पर उतर आई।

“मुझे एतराज नहीं।” “फिर यह पर्दा कैसा ।” चेहरे की नकाब की तरफ उसने इशारा किया। “बातों का पर्दों से क्या तअल्लुक ।” इस बार लहजे में नागवारी न थी, उसका हौसला बढा।

“बुरा न मानें तो एक बात कहूं ।” “कहिए ।” “इस हुस्न का दीदार चाहता हूं ।” लम्हा भर की मुलाकात ने उस पर कैसा जादू किया था कि वेह भूल गया इस तरह के गुस्ताख जुमले अदा करना ठीक है कि नहीं।

“आपको यह गलत फहमी कैसे हुई।” चन्द लम्हे की खामोशी के बाद वह बहुत संजीदगी से बोली । “मेरी रंगत सलोनी है जिसे लोग पसन्द नहीं करते।”

“इन आंखों में वह रंग मौजूद हैं जिनके सामने तमाम रंग फीके है।” वह बेखुद होकर बोला- “आपकी आवाज़ में यह जादू हे जिसे एक बार सुनने के बाद बार-बार सुनने को जी चाहता है।”

इस कदर फ्री कैसे हो गया धा कि अजनबी की नाराज़ी का एहसास भी भूला बैठा था। क्या वाकई यह अनजान लड़की पुरे तौर पर उसके दिल व दिमाग पर छा गई थी।

यह जुनून यह बेकरारी केसी थी कि दिल उसकी तरफ खिंचा चला जा रहा था। “कहीं यह सफर खत्म न हो जाए ।’ एक खौफनाक ख्याल ।

दिल होले से घड़क उठा । खत्म तो होना ही है । उसने खिड़की से बाहर देखते हुए लड़की पर एक सहमी सहमी सी निगाह डाली । सफर खत्म हो जाएगा यह चली जाएगी दूर मुझसे दूर।

में भी अपनी मंन्जिल पर पहुंच कर इसे खो दूंगा। एक कसक रह जाएगी, ख्याल रह जाएगा जो रातों के सनन्‍नाटों में चीख चीख कर मुझे झिंझोड़ेगा ।

उफ कितनी तकलीफ होगी | क्या इसको पाऊंगा कभी । नहीं । तुम मेरी हो मेरा दिल कहता है तुम मेरी हो । तुम्हारी आंखों ने मुझे अपना दीवाना बना लिया है

तुम्हारी आवाज की झंकार ने मेरे कदम जकड़ लिए हैं । चाह कर भी तुमसे दूर नहीं जा सकता । एक बार 

बस एकबार मुझे अपने बारे में सब कुछ बता दो । मैं तुम्हें लेने आऊंगा। अपनी दुल्हन बना कर सदा के लिए दिल में छुपा लूंगा। उसकी सोच ट्रेन की तेजी से कम न थी।

एक निगाह उन कातिल आंखों पर डाली, जहां नमी के जुगनू जगमगा रहे थे। “आप रो रही हैं?” मालूम नहीं किस हक ने उसको यह सवाल पूछने का हौसला दिया था।

“नहीं तो।। आँखों में कुछ चुभ रहा है ।” बात टालने का अंदाज अच्छा था । “वह मै तो नहीं ।” वह अचानक मजाक के मूड में आ गया था या फिर माहौल की संजीदगी दूर करने की गरज से बोला था।

मगर यह इतनी दुखी क्यों हो रही है? उसने सोचा । “आप मुझे अपना पता और मोबाइल नम्बर देंगी, ताकि मुलाकात का यह सिलसिला कायम रह सके ।”

“किसी अजनबी को अपना पता और मोबाइल नम्बर नहीं देती ।” “इसी पते और मोबाइल नम्बर की बदौलत यह अजनबी अपना भी हो सकता है।” वह मुस्कुराहट के साथ बोला था।

उसकी बेतकल्लुफी और बेबाकी ने उसे हैरान कर दिया। “मैं न अपनाना चाहूं तो ।” “तो कपड़े फाड़ कर शहर की गलियों के चक्‍कर तो लगा सकता हूं।” वह फिर हंसा मगर दूसरी तरफ आंसुओं का गिरना शुरू हो चुका था।

“आप फिर रो रही हैं ।” वह एक दम संजीदा हो गया । “खुदा के लिए कुछ तो बताइए अपने बारे में ।

यह बार बार आपकी आंखें इन कीमती मोतियों को बर्बाद करने पर क्यों। तुली है।” वह परीशान था, मगर दूसरी तरफ पूरी खामोशी थी। आपने अभी तक अपना नाम नहीं बताया।

“आपने पूछा ही नहीं ।” वह रोते रोते बोली । “अब पूछ रहा हूं ।” “तमन्ना” बहुत सपाट लहजा था। एक बिजली सी कौन्दी दिमाग़ में, गरज कड़क के साथ एक तस्वीर उभर आई | जुल्म की कहानी याद आई तो गुजरे वक्‍त के दरीचे खुलते चले गए।

10 thoughts on “Tamanna – Mahakta Anchal Story – महकता आँचल कहानियां

  • May 27, 2020 at 7:24 am
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    Very nice story.aaj bahut Sall baad story padkar bahut achha lgaa. Google par search Kar rhi thi mehkta aanchhal ki information .story mil gai.i m big fan of mehktaa aanchal

    Reply
    • May 27, 2020 at 6:06 pm
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      Glad that you like, share this to your friends and family so we can grow as a community😊

      Reply
      • September 14, 2020 at 2:02 am
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        Aapke novel me ek ghazal padi thi wo talash krne pe bhi nhi mil rhi h agar aapke paas h to please send kr den.

        Aarzoo e dil.
        Meri talab hain aap mera dil bhi aap hain… Ye wali

        Reply
  • July 2, 2020 at 10:45 pm
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    I m big fan of mehktaa aaanchal…bahut dino se online search kar rahi thi..magar nahi mili…ask dekh ke maan khush ho gaya..plz ek story hai jo mai bahut dino se search kar rahi hu magar na book mil rahi hai…or na online..wo old BOOK ki story hai…name hai – utaraha chand mere aagan mai…plz plz plz is story ko bhi post kare…🙏🙏

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  • July 14, 2020 at 1:43 pm
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    achi hai story
    kabhi Surat pe nhi marna chahiye seerat pe marna chahiye

    Reply
  • July 16, 2020 at 10:55 am
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    I am a big fan of Mehakta Aanchal….luv to see here…

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  • July 27, 2020 at 8:02 pm
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    I m big fan of mahkata aanchal.me 1 khahani bahut mis karti hu .uska sirf carecter name yaad he “surrkhaab” .or wo silsiledaar novel tha. Karib 15 sall pahle pad rhi thi.wo adhura reh gaya tha.agar arrange ho jaye to mujhe use pad kar bahut khushi hogi.plz agr koi tarika ho to btaye agar mil skta he to.

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  • July 30, 2020 at 3:54 pm
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    Mohabbat ka shukriya jan 2019 ki silsilawar story h Feb me last part h Plz post kre ye story mujhe book ni mil rhi h or kya koisi website h jisse online Mahakta aanchal padh skte jisko b pata ho Plz reply kro

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